पत्नी की हत्या में पति को सजा

पत्नी की हत्या में पति को सजा तय हो गई है। अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वितीय राकेश कुमार सिंह की अदालत ने 2016 में पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपी पति को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने सजा की सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। न्यायालय को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि अभियुक्त मनीष अरोड़ा ने अपनी पत्नी पद्मिनी का 18 मई 2016 की रात को मल्लीताल क्षेत्र के वैभरली कंपाउंड स्थित किराए के मकान में गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी अपने दोस्तों के साथ पत्नी को अगली सुबह 5:30 बजे के करीब अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने पद्मिनी को मृत घोषित कर दिया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को यह भी बताया की चिकित्सक पंचनामा होने तक शव को मोर्चरी में रखने की बात कहीं पर इस पर आरोपी शव को अपनी गाड़ी में रख कर अपने घर गंगनगर रुड़की ले गया और वहां दाह संस्कार की तैयारी करने लगा तभी मृतका के चाचा मनोहर लाल डबराल ने इसकी सूचना गंगनहर पुलिस को दी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा कराकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को यह भी बताया कि आरोपी ने पोस्टमार्टम पैनल में अपने एक परिचित को शामिल कर लिया जानकारी होने पर मृतका की बहन ने इसकी लिखित सूचना हरिद्वार के डीएम को दी जिसके कारण आरोपी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका। न्यायालय ने प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पत्नी की हत्या में पति को दोषी करार दिया है।